साबूदाना छोटे-छोटे मोती की तरह सफ़ेद और गोल होते हैं। यह सैगो पाम नामक पेड़ के तने के गूदे से बनता है। यह मूलरूप से पूर्वी अफ़्रीका का पौधा है। एक शोध के अनुसार साबूदाना आपको तरोताजा रखने में मदद करता है। चावल के साथ प्रयोग किए जाने पर यह शरीर में बढ़ने वाली गर्मी को कम कर देता है। साबूदाना दस्त या अतिसार की समस्या में भी बहुत लाभदायक होता है। तब आप बिना दूध के साबूदाने की खीर बनाकर इसका सेवन कर सकती हैं। साबूदाने में पाया जाने वाल पोटैशियम रक्त संचार को बेहतर कर, उसे नियंत्रित करता है। इसके अलावा यह मांसपेशियों के लिए भी फयदेमंद है। पेट में किसी भी प्रकार की समस्या होने पर साबूदाना खाना काफी लाभप्रद सिद्ध होता है। यह पाचनक्रिया को ठीक कर गैस, अपच आदि समस्याओं में भी लाभ देता है।
साबूदाना पकने के बाद अपादर्शी से हल्का पारदर्शी, नर्म और स्पंजी हो जाता है। सफेद मोतियों की तरह दिखने वाला साबूदान व्रत-उपवास में प्रमुख रूप से खाया जाता है। वैसे तो इसका प्रयोग केवल फलाहार के तौर पर किया जाता है, लेकिन आज मैंने अपनी टेस्टफुल मेनू में साबूदाना पापड़ रखा है। यह फलाहार के साथ ही चाय के साथ एक बेहतरीन स्नेक्स का भी काम करेगा।
साबूदाना पापड़ के लिए आवश्यक सामग्री -
- साबूदाना - 2 कप
- पानी - 10 कप
- जीरा - 1 चम्मच
- लाल मिर्ची पाउडर - 1 चम्मच
- नमक - स्वादानुसार
- तलने के लिए तेल - 200 ग्राम
साबूदाना पापड़ का घोल कैसे बनाएँ ?
- सबसे पहले साबूदाने को साफ करके धो लें।
- अब साबूदाने की मात्रा से दो गुना अधिक पानी डालकर 2 घंटे के लिये भिगो दें।
- किसी भारी तले के बर्तन में बाकी पानी डालकर उबलने के लिए रख दें।
- पानी में उबाल आने पर भिंगोया हुआ साबूदाना डालें।
- अब उसमे नमक, जीरा, लाल मिर्ची पाउडर आदि डालें।
- साबूदाना को लगातार चलाते हुये पकाएँ।
- चलाते रहने से वह तले में नहीं लगेगा।
- जब साबूदाने का घोल गाढ़ा पारदर्शक दिखने लगे तो गैस बंद कर दें।
- अब पापड़ बनाने के लिए घोल तैयार है।
- साबूदाना पापड़ का घोल कैसे बनाएँ ?
- अब सबसे पहले कोई बड़ी पोलिथिन शीट धूप में बिछा लें।
- एक बड़े चम्मच से साबूदाने के घोल को पोलिथिन शीट पर डालें।
- अब उसे गोल-गोल फैला दें।
- इसी तरह एक पापड़ से दूसरे पापड़ में दूरी रखते हुये, सारे घोल से इसी तरह से फैला दें।
- अब इसे तेज धूप में सुखा लें।
- साबूदाने के पापड़ 2-3 दिन की धूप में सूख जाते हैं।
- इस प्रकार आपकी टेस्टफुल मेनू ए लिए साबूदाने के पापड़ जब सूख कर तैयार हो जाएँगे।
- जब पापड़ सूख जाएँ तो आप तेल में तलें और चाय के साथ खाएँ।
व्रत में खाने के लिए आप साधारण नमक की जगह सेंधा का प्रयोग कर सकती हैं।

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